Join Our Tribal Meena Samaj Facebook Group!

चेडवाल गोत्र की मीणा माइक्रो हिस्ट्री

मान्यता है की चेडवाल गोत्र भी ध्यावणा,झरवाल,और ब्याड़वाल गोत्र का #पैगभाई है पर अभी किसी ने पुख्ता जानकारी नहीं दी | इस गोत्र का इतिहास भी उक्त गोत्रो से ही जुड़ा होना चाहिए खोज यह करनी है अलग गोत्र के रूप में अस्तित्व में कब और कैसे आया | क्या ये गोत्र एक वंश से पैदा होने के कारण भाई भाई ने नाते आपस में रिश्तेदारी नहीं करते या करने लग गए | #चेडवाल शब्द से प्रतीत होता है यह गोत्र किसी गाँव के नाम से अस्तित्व में आया होगा स्पष्ट तो आपके सहयोग से हो पायेगा | गाँव जगसारा (1200) तहसील निवाई टोंक में भी यह गोत्र है प्रसिद्द लोक गायक श्री नारायण जगसरा जी ने बताया की हमारे गोत्र का निकास सर मथुरा से है और धोलपुर-भरतपुर में 12 गाँव है वहां से बाण नदी के तट पर बसे महंगा भाटा गाँव में आये वहां से जगसरा में आकर बसे है | हमारे पूर्वज किसी धार्मिक यात्रा में ब्याड़वाल गोत्र के मुखिया का धर्म भाई बना था इसलिय उस गोत्र को पे भाई मानते है अन्य ध्यावणा सहित सभी गोत्रो में विवाह करते है | कुल देवी घटवासन है | महर तो बाद में मानने लगे है कुलदेवी तो हमारी ही है |
पूर्व सरपंच मुंडिया खेडा श्री बद्रीप्रसाद जी ने बताया की चेडवाल गोत्र का निकास सान कोटड़ा (जमवारामगढ़) से वहां से गेंगु राम जी आकर 1000 साल पहले प्राचीन कोल गाँव (घूमना) के क्षेत्र में मेवासा बसाया मेवासा उनके नाम से गैरोजी कहलाया वहां से लगभग संवत 1310 में मुंडिया खेडा बसा उस गाँव में से 10-12 गाँव बसे जिनमे मेहरा(टोडाभीम),मीणा पाड़ा(बसवा),हिंगि और बिंदरवाला(सिकराय) प्रमुख है | यह गोत्र जयपुर, दौसा और सवाईमाधोपुर की कई तहसीलों में पाया जाता है | सवाईमाधोपुर की तहसील-बौंली के गाँव-दतुली (250), बहनोली (200), हनुमतपूरा (286) एवं तहसील खंडार के गाँव-पादडा बाढ़ (100) जिला दौसा की सिकराय तहसील के गाँव-मिनावाडी (335), रजवास (100), हिंगि (250) तथा जयपुर जिले की सांगानेर तहसील के गाँव-सिरोली (200), तहसील-बस्सी के गाँव-रामपुरा (200), हिम्मतपुरा (500) में तहसील-कोटखावदा के गाँव-कुशलपुरा (300) टोंक जिले की निवाई तहसील में गाँव-जगसरा (500) यह गोत्र है | इसकी खोज में आपके सहयोग की अधिक आवश्यकता है |

No comments:
Write comments