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लकवाल/लकवाड/नकवाल/आमट गोत्र मीणा माइक्रो हिस्ट्री

मीणा समुदाय के 5200 अटकों (गोत्रों) में लकवाल भी एक है यह मुख्यतः दौसा,सवाईमाधोपुर और करोली में पाया जाता है |इस गोत्र का सबसे बड़ा गाँव -खंडीप तह० गंगापुर जिला-सवाईमाधोपुर को माना जाता है इस गाँव में एक पीर बाबा का स्थान है ,तालाब किनारे एक प्राचीन चामुडा का मन्दिर भी है |इसी गाँव के श्री घासी राम मीणा को खेत जोतते समय एक पुराने पिलु के पेड़ के निचे मूर्ति मिली जिसे धरती माता के रूप में स्थापित कर थानक बना दिया है,काफी बड़ा खंडिप बांध भी है गंभीरी नदी किनारे पांचना बाँध इस गाँव के बिलकुल पास है | यह गाँव काफी सम्पन्न और दिलेर रहा है |पहलवानी इस गाँव का शौक है एक कुस्ती दंगल भी बना हुआ है | इस गाँव से कई गाँव सिकराय दौसा में भी जाकर बसे है | कुल वृक्ष -पीपल और कुलदेवी ज्वाला जोबनेर है पर घटवासन माता को भी आराध्य देवी मानते है | दौसा में लांका एक प्राचीन गाँव भी है जो शब्द साम्यता रखता है | इसी गाँव से इस गोत्र का निकास माना जाता है लांका से लकवाल शब्द अस्तित्व में आया | लकवाल का मतलब लांका के प्राचीन निवासियों से है | यह भी कहा जाता है लांका से आकर आम काट आमाखेडा (सिकराय दौसा ) बसाया तब से आमट कहलाये | बारां की अटरू तहसील के गाँव आंटूण और भैसावा में आमठ गोत के मीणा रहते है |आमठ गोत भी लकवाल ही है | आमाखेडा से निकले दो भाइयो में से एक ने सायपूरा और दुसरे ने उक्रुंद बसाया | उकरूंद के स्व लक्ष्मी चंद पटेल प्रसिद्द संवत् ज्ञाता और लोक पद गायक हुए है |श्री लक्ष्मी चंद पटैल ( लिखमी पटैल ) जग जाहिर लोक गायक हुए है । उनकी कीर्ति पताका से तत्कालाएन प्रधान मंत्री इन्दिरा गांधी भी बहुत प्रभावित हुई थी ।
 यह गाँव भी कई बार उजड़ा और बसा है | सवाईमाधोपुर में गाँव खंडिप,फुलवाडा,बिछोछ | दौसा में आमटेरा, मालावास, कोरदा, गोकुल पूरा नालावास, उकरूद, सायपुर-चूर खेडा ,सिकरी,राणोली, निकतपूरी,टोरडा,सहसपुर और गुमानपूरा इस गोत्र के मुख्य गाँव है | करोली में नांद खुर्द तुमापुरा,तिमावा,और मंड़ाई में भी लकवाल/नकवाल रहते है | ये लोग दुसरे प्रदेशो में भी गए है जैसे उत्तरप्रदेश,मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र | महाराष्ट्र वाले तो अपने वजूद को ही भूल गए अब कुछ लोग जानने लगे है | खंडिप गंगापुर के उदय सिंह लकवाल वैजापुर /बीजापुर के युद्ध में वीरगति पाई थी जागा उनके परिवार का महाराष्ट्र से संवत 1730 में आना बताते है जिनको उस गाँव में आज भी मराठा थोक कहते है |
 लकवाल गोत मिणा महाराष्ट् मे गाँव-पाचपिरबाडी तह, गंगापुर, कान्होरी तह, फुलबंरी जिला औरंगाबाद महाराष्ट्र में आज भी रहते है |,लकवाल गोत बड़ा(280) तह भड़गाँव, गाँव - बहाल (500)त. चालीसगाव जि.जलगाव पुरा गाव बसा है.वहा के सुरेश भाई लकवाल समाज के जिला परमुख है इस गोत्र के गाँव,कोई घटना,कोई पलायन व अन्य कोई जानकारी हो तो अवश्य शेयर करे ताकि दुर्लभ जानकारी सभी तक पहुंचाई जा सके |

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