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हाड़ोती के अरहोड़ा/आरोड़ा/औराडा/ओन्हाडा गोत्र


समुदाय में हाड़ोती क्षेत्र में ''#अरहोड़ा ''भी एक प्राचीन और प्रमुख गोत्र (अटक) है | इस गोत्र में आट #सीतलामाता / #चौथमाता को अपनी आराध्य और ''#आशापाला'' के वृक्ष को कुल वृक्ष (#ध्याड़ी) माना जाता है |इस गोत्र का निकास बूंदी जिले की इंद्रगढ़ तहसील  की ग्राम पंचायत-उतरना के गाँव-''#बूदेल'' को माना जाता है | इसी ग्राम पंचायत में गाँव-छप्पनपूरा (600), डगारिया(790) में भी इसी गोत्र के लोग रहते है |यह गोत्र जिला बूंदी की इंद्रगढ़, नेनवा, हिण्डोली,बूंदी में काफी संख्या में है | तहसील-नेनवा-गाँव-बिजल्वा (400), गाडरया (380), पीपरवाला (500), संग्राम गंज (350), नीम खेड़ा (340) तहसील- हिण्डोली-गाँव-पापराला (800) तहसील-बूंदी में गाँव-गणपतपूरा (300), आमली (500) इनके अलावा यह गोत्र भीलवाडा की जहाजपुर तहसील के भी कई गाँवो में है उनमे प्रमुख है गाँव-उलेला (500), टीटोडा माफ़ी (600), टीटोडी (200),सुन्दर गढ़ (490), शेरपुरा(450), जूण की झोपड्या (300), इसके अलावा अजमेर की केकड़ी तहसील के गाँव -घाटयाली में कुछ परिवार रहते है | 
इस गोत्र का पालयन हाड़ोती क्षेत्र के अलावा बांगड़ क्षेत्र में भी हुआ | #वागड़ क्षेत्र के जिला डूंगरपुर की तहसील सीमल वाडा में ''#भाणासीमाल'' अरहोड़ा मिनाओ का एक बड़ा गाँव है |

कहा जाता है कि सेकड़ो साल पूर्व भाणा अरहोड़ा ने हाड़ोती से जाकर यह गाँव बसाया था इस गाँव की वर्तमान आबादी 1000 के आस पास है यहाँ का मुखिया (गमेती) #धुला अरहोड़ा है |

किसी के पास इस गोत्र का संघर्ष,पलायन और गाँवो की जानकारी हो तो अवश्य शेयर करे

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